Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps June 29, 2020 मैं तुम्हें ऐसे जीता हूँजैसे जड़ें जमीन मछली पानी परिन्दे उड़ान चाँद तारे आसमान मजदूर अपने काम बाकी जीवन केआखिरी सांस मेंलुँगा तुम्हारा नामऔर कल्पना करूंगावो प्रेम के धर्म कासबसे सुनहरा भविष्य हो. ~विशेष Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
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