कल्पना
एक बार मृत्यु के सबसे करीब जाना ताकि लौट पाना जीवन के अधिकतम समीप फिर चाँदनी रात में मेघ के बरसात में पर्वत के शिखर पर मन से गुनगुनाना सागर के घर तक जंगलों में समाना पत्तियों पे लिखना सबकुछ इश्क,क्षमा,करूणा,दया और हवाओं को सौंप देना काम सारा पैगाम उन तक पहूँचाना. ~विशेष